इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी 2026 सीजन को और अधिक अनुशासित एवं पेशेवर बनाने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने फ्रेंचाइजी मैनेजर्स को नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इन नियमों का मुख्य फोकस पिच की गुणवत्ता बनाए रखना, सभी टीमों को समान परिस्थितियां उपलब्ध कराना और पूरे इवेंट को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करना है। खासकर मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम के लिए अलग से प्रावधान किए गए हैं।

मैच के दिन प्रैक्टिस पर पूर्ण प्रतिबंध

IPL 2026 में सबसे बड़ा बदलाव मैच वाले दिन प्रैक्टिस सेशन्स को लेकर आया है। अब कोई भी टीम मैच के दिन नेट्स पर या मुख्य स्क्वायर पर प्रैक्टिस नहीं कर सकेगी। फिटनेस टेस्ट भी मुख्य पिच क्षेत्र में करने की अनुमति नहीं होगी।

BCCI का मानना है कि इससे पिच को अनावश्यक घिसाव से बचाया जा सकेगा और दोनों टीमों को बिल्कुल समान विकेट मिलेगा। नियमित प्रैक्टिस दिनों में हर टीम को प्रैक्टिस एरिया में दो नेट्स और मुख्य स्क्वायर पर रेंज हिटिंग के लिए एक साइड विकेट मिलेगा।

वानखेड़े स्टेडियम में यदि दोनों टीमें एक साथ प्रैक्टिस करेंगी तो प्रत्येक टीम को दो-दो विकेट्स आवंटित किए जाएंगे।

ओपन नेट्स और विकेट शेयरिंग पर सख्त रोक

नए नियमों के तहत ओपन नेट्स की कोई अनुमति नहीं होगी। अगर कोई टीम अपनी प्रैक्टिस जल्दी समाप्त कर देती है तो दूसरी टीम उस विकेट का इस्तेमाल नहीं कर सकेगी। हर टीम को केवल अपना आवंटित क्षेत्र ही इस्तेमाल करना होगा।

यह प्रावधान पिच की सुरक्षा और मैच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। बोर्ड चाहता है कि हर टीम अपनी तैयारी अपने तय समय और जगह पर ही करे।

ड्रेसिंग रूम और फील्ड एक्सेस पर नई सख्ती

प्रैक्टिस दिनों में ड्रेसिंग रूम और फील्ड ऑफ प्ले एरिया में केवल एक्रेडिटेड स्टाफ को ही प्रवेश दिया जाएगा। खिलाड़ियों के परिवार के सदस्यों या अन्य गैर-अधिकृत व्यक्तियों को अंदर जाने की इजाजत नहीं होगी।

परिवार वाले हॉस्पिटैलिटी एरिया से प्रैक्टिस देख सकेंगे। BCCI का कहना है कि इससे सुरक्षा बढ़ेगी और प्रोफेशनल माहौल बनेगा।

यात्रा और लॉजिस्टिक्स के नए प्रावधान

खिलाड़ियों को प्रैक्टिस या मैच के लिए केवल टीम बस से ही यात्रा करनी होगी। टीम दो बैच में भी जा सकती है, लेकिन परिवार के सदस्यों को अलग वाहन से जाना होगा। खिलाड़ी और उनके परिवार की यात्रा को पूरी तरह अलग रखा गया है।

ये नियम सुरक्षा, अनुशासन और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बनाए गए हैं।

पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन में ड्रेस कोड की सख्ती

मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी के दौरान खिलाड़ी फ्लॉपी हैट या स्लीवलेस जर्सी नहीं पहन सकेंगे। पहली बार नियम तोड़ने पर चेतावनी और दूसरी बार वित्तीय जुर्माना लगेगा। अन्य नियमों के उल्लंघन पर भी अलग-अलग सजाएं तय की गई हैं।

बोर्ड का मानना है कि इससे प्रसारण की गुणवत्ता बनी रहेगी और इवेंट की इमेज और पेशेवर बनी रहेगी।

निष्कर्ष: बीसीसीआई के इन नए सख्त नियमों से IPL 2026 और अधिक व्यवस्थित, निष्पक्ष और पेशेवर नजर आएगा। पिच की बेहतर सुरक्षा से मैचों की क्वालिटी बढ़ने की उम्मीद है, जबकि अनुशासन पर जोर देने से पूरे टूर्नामेंट का स्तर ऊंचा उठेगा। फ्रेंचाइजी अब इन गाइडलाइंस को ध्यान से फॉलो करेंगी।