एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शुक्रवार को इतिहास रच दिया। जापान के आइची-नागोया में चल रहे इन खेलों में भारत ने एक ही दिन में छह स्वर्ण पदक हासिल किए। कुश्ती में सुजीत कलकल, बॉक्सिंग में अंकुश पंघाल, लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा के साथ महिला हॉकी टीम और महिलाओं की रिकर्व तीरंदाजी टीम ने भी गोल्ड जीता। इन उपलब्धियों के साथ भारत के कुल स्वर्ण पदकों की संख्या 16 हो गई है और पदक तालिका में भारत 76 मेडल के साथ पांचवें स्थान पर काबिज है। इसमें 16 गोल्ड, 25 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।

सुजीत कलकल की शानदार वापसी से मिला कुश्ती का गोल्ड

पुरुषों के फ्रीस्टाइल 65 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में सुजीत कलकल ने ताजिकिस्तान के अब्दुलमाजिद कुडियेव को 10-9 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। एक समय सुजीत 2-9 से पीछे चल रहे थे। लेकिन उन्होंने आखिरी कुछ मिनटों में जबरदस्त वापसी करते हुए कई टैकडाउन लगाए और आखिरी 11 सेकंड में जीत का पलड़ा अपने पक्ष में कर लिया। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले सेमीफाइनल में उन्होंने जापान के ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका को भी मात दी थी। सुजीत की यह जीत भारत के लिए एशियन गेम्स में कुश्ती का महत्वपूर्ण स्वर्ण पदक साबित हुई।

सुजीत कलकल पहले से ही एशियाई चैंपियन और अंडर-23 विश्व चैंपियन हैं। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उनकी इस जीत ने भारतीय कुश्ती को नई ऊर्जा दी है।

अंकुश पंघाल ने बॉक्सिंग में रचा इतिहास

सुजीत की जीत के करीब ही अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिन-सियोंग को 4-0 से हराकर गोल्ड मेडल हासिल किया। अंकुश का प्रदर्शन पूरी तरह से आक्रामक और नियंत्रित रहा। यह जीत भारत के लिए पुरुष बॉक्सिंग में 2018 के अमित पंघाल के बाद पहला एशियन गेम्स स्वर्ण पदक है। अंकुश ने सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के विश्व चैंपियन को भी हराया था।

अंकुश पंघाल कॉमनवेल्थ गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता हैं और युवा होने के बावजूद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बना ली है।

महिला बॉक्सिंग में लवलीना और परवीन का कमाल

एशियन गेम्स 2026 में महिला बॉक्सिंग ने भारत का लंबा इंतजार खत्म कर दिया। लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में चीन की बाओ जियाई को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह जीत उनके 29वें जन्मदिन पर हुई। लवलीना ने पिछले एशियन गेम्स में इसी वर्ग में सिल्वर जीता था। वे एमसी मेरी कॉम के बाद एशियन गेम्स गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गईं।

इसके बाद परवीन हुड्डा ने 65 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को 3-2 के कड़े मुकाबले में हराया। चेन पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता हैं। परवीन की यह जीत उनके करियर में एक बड़े मोड़ जैसी है। इन दोनों जीतों के साथ भारत ने बॉक्सिंग में तीन स्वर्ण पदक हासिल किए।

महिला हॉकी टीम ने भी रचा इतिहास

भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह जीत 44 साल बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी का गोल्ड है और टीम ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक का टिकट भी पक्का कर लिया। टीम के प्रदर्शन ने पूरे देश को गर्व से भर दिया।

तीरंदाजी में भी स्वर्ण चमक

महिलाओं की रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर इतिहास रच दिया और भारत के लिए पहला एशियन गेम्स गोल्ड इस इवेंट में जीता। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोद की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।

भारत की मेडल तालिका और समग्र प्रदर्शन

आज के इन छह स्वर्ण पदकों के साथ भारत के पास अब 16 गोल्ड, 25 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज मेडल हैं। पदक तालिका में भारत पांचवें स्थान पर है। चीन टॉप पर है जबकि जापान, दक्षिण कोरिया और उज्बेकिस्तान आगे हैं। भारत का यह प्रदर्शन पिछले एशियन गेम्स की तुलना में गोल्ड की संख्या में सुधार दिखाता है।

एशियन गेम्स 2026 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चल रहे हैं। भारतीय दल ने कबड्डी, शूटिंग, एथलेटिक्स, क्रिकेट और तीरंदाजी में भी कई मेडल हासिल किए हैं। यह सब मिलाकर भारत की समग्र तैयारियों और खिलाड़ियों की मेहनत का नतीजा है।

निष्कर्ष: एशियन गेम्स 2026 में भारत का यह सुनहरा दिन देश के खेल प्रेमियों के लिए गर्व का विषय है। एक दिन में छह गोल्ड और महिला हॉकी व बॉक्सिंग में ऐतिहासिक सफलता ने दिखा दिया कि भारतीय एथलीट विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं। आगे के दिनों में और मेडल की उम्मीद है। जय हिंद!