देशभर में इस साल गर्मी ने जल्दी और तीव्र रूप से दस्तक दी है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में स्थित अकोला शहर इन दिनों देश और दुनिया का सबसे गर्म स्थान बन गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अकोला में तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अमरावती और वर्धा जैसे अन्य शहर भी 43-44 डिग्री के करीब रिकॉर्ड कर रहे हैं। आईएमडी ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले दिनों में हीटवेव की तीव्रता बढ़ेगी और कुछ इलाकों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।
विदर्भ क्षेत्र में गर्मी का विकराल रूप
महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। अकोला ने न सिर्फ देश में सबसे ऊंचा तापमान दर्ज किया, बल्कि दुनिया के सबसे गर्म शहरों की सूची में भी टॉप पर रहा। अमरावती में 44 डिग्री और वर्धा में 43.9 डिग्री तक पारा चढ़ गया। नागपुर भी 43.4 डिग्री के साथ देश के टॉप शहरों में शामिल हो गया। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, विदर्भ के कई जिलों में तापमान सामान्य से 1.3 से 3.8 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया।
इसके अलावा, चंद्रपुर, गडचिरोली, यवतमाल और वाशिम जैसे जिलों में भी 42 डिग्री से ऊपर तापमान रहा। रात के तापमान भी ऊंचे बने हुए हैं, जिससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल रही। आईएमडी ने अकोला, अमरावती, वर्धा, नागपुर, यवतमाल, वाशिम, बुलढाणा, चंद्रपुर और भंडारा जिलों के लिए अगले कुछ दिनों तक हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है।
आईएमडी की चेतावनी: 2026 में सामान्य से ज्यादा गर्मी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने पहले ही अनुमान लगाया था कि 2026 का गर्मी का मौसम सामान्य से ज्यादा तीव्र होगा। मार्च से मई के बीच हीटवेव की संख्या बढ़ने की आशंका है और कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 4 से 8 डिग्री ऊपर रह सकता है। अप्रैल से जून तक भी पूर्वी, मध्य, उत्तर-पश्चिम भारत और दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीप में सामान्य से ज्यादा हीटवेव वाले दिन रहने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, साफ आसमान, शुष्क हवाएं और पश्चिमी विक्षोभ की कमी के कारण गर्मी तेजी से बढ़ रही है। केंद्रीय और पूर्वी भारत के कई राज्यों जैसे महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में तापमान 40 से 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है। कुछ इलाकों में चरम गर्मी के दौरान पारा 50 डिग्री तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
दुनिया की सबसे गर्म जगहों में भारत के शहरों का दबदबा
हाल के दिनों में भारत के कई शहर दुनिया की सबसे गर्म जगहों की सूची में शामिल हो गए। अकोला के अलावा अमरावती, वर्धा और नागपुर ने भी वैश्विक सूची में जगह बनाई। अन्य राज्यों से बलांगिर (ओडिशा), रायपुर, महासमुंद, भिलाई, दुर्ग और बिलासपुर (छत्तीसगढ़), चंद्रपुर और गडचांदूर (महाराष्ट्र), सासाराम (बिहार), कोथापेट, जगित्याल, आदिलाबाद, करीमनगर और भैंसा (तेलंगाना) तथा मुगलसराय, मिर्जापुर और वाराणसी (उत्तर प्रदेश) जैसे शहरों में भी 35 से 36 डिग्री के आसपास उच्च तापमान दर्ज किया गया।
हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में चीन का जिंगहोंग और वियतनाम के कुछ शहर भी गर्मी की सूची में शामिल रहे, लेकिन भारतीय शहरों की संख्या ज्यादा रही। यह स्थिति दर्शाती है कि भारत इस समय वैश्विक स्तर पर गर्मी के सबसे प्रभावित क्षेत्रों में से एक है।
लोगों पर पड़ रहा असर और सावधानियां
भीषण गर्मी से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ गए हैं। डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और अन्य गर्मी से जुड़ी बीमारियों का खतरा बना हुआ है। बिजली की मांग भी बढ़ गई है, क्योंकि एसी और कूलर लगातार चल रहे हैं।
आईएमडी और स्वास्थ्य विभागों ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप से बचें, खूब पानी पिएं, हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें और बिना जरूरत के बाहर न निकलें। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।