केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों की नजरें इन दिनों 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं। आयोग तेजी से काम कर रहा है और 2027 के मध्य तक रिपोर्ट जमा करने की संभावना है। इसी बीच विभिन्न कर्मचारी संगठन आयोग को अपने सुझाव दे रहे हैं। हाल ही में NC-JCM स्टाफ साइड ने भी आयोग को विस्तृत मेमोरेंडम सौंपा है, जिसमें कर्मचारियों के हित में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं।

NC-JCM की प्रमुख मांगें क्या हैं?

NC-JCM स्टाफ साइड ने 8वें वेतन आयोग के सामने मजबूत दलीलें दी हैं। उन्होंने न्यूनतम बेसिक पे 69,000 रुपये तय करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ 3.833 का फिटमेंट फैक्टर सुझाया गया है। यह मांग महंगाई और बढ़ती जीवन यापन की लागत को ध्यान में रखकर की गई है। स्टाफ साइड का कहना है कि इससे कर्मचारियों की रियल वेजेस की रक्षा होगी और उनका जीवन स्तर बेहतर बनेगा।

इसके अलावा, वार्षिक इंक्रीमेंट को मौजूदा 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग की गई है। पे लेवल के मर्जर का भी प्रस्ताव है, जैसे लेवल 2 और 3 को लेवल 3 में, लेवल 4 और 5 को लेवल 5 में मर्ज करना। ये बदलाव पदोन्नति और वेतन संरचना को सरल बनाएंगे।

नए प्रकार के एडवांस और भत्तों पर फोकस

स्टाफ साइड ने सैलरी में नए तरह के एडवांस शामिल करने का सुझाव दिया है। कर्मचारियों के फायदे के लिए विभिन्न भत्तों में वृद्धि, जैसे HRA को तीन गुना बढ़ाने, CEA और रिस्क अलाउंस को DA से लिंक करने की मांग की गई है। साथ ही, पांच बार सुनिश्चित पदोन्नति (ACP/MACP) का प्रावधान करने पर जोर दिया गया है, ताकि 30 साल की सेवा में बेहतर करियर ग्रोथ मिल सके।

पेंशनरों के लिए भी महत्वपूर्ण सिफारिशें हैं। पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) को बहाल करने और NPS/UPS से छूट देने की मांग प्रमुख है। कई संगठन कर्मचारियों को पेंशन स्कीम चुनने की आजादी देने का प्रस्ताव भी रख रहे हैं।

8वें वेतन आयोग की तैयारियां और समयसीमा

8वें वेतन आयोग ने मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 तक बढ़ा दी है। आयोग विभिन्न राज्यों का दौरा कर रहा है और स्टेकहोल्डर्स से फीडबैक ले रहा है। केंद्रीय कर्मचारियों की संख्या करीब 50 लाख है, जबकि पेंशनरों की संख्या इससे भी ज्यादा है। ऐसे में आयोग की रिपोर्ट का असर व्यापक होगा।

पिछले वेतन आयोगों के अनुभवों को देखते हुए इस बार कर्मचारी संगठन ज्यादा सक्रिय हैं। वे डेटा और कोर्ट जजमेंट्स के आधार पर अपनी मांगों को मजबूत कर रहे हैं।

कर्मचारियों और पेंशनरों पर क्या होगा असर?

यदि इन मांगों को मंजूरी मिलती है तो सैलरी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। न्यूनतम वेतन 69,000 रुपये होने से ग्रुप C कर्मचारियों को बड़ा फायदा पहुंचेगा। पेंशन में भी सुधार से रिटायर्ड कर्मचारियों का जीवन आसान बनेगा। हालांकि, सरकार इन मांगों को बजट और आर्थिक स्थिति को देखते हुए अंतिम रूप देगी।

कर्मचारी संगठन लगातार बातचीत जारी रखे हुए हैं। NC-JCM के प्रयासों से उम्मीद है कि 8वां वेतन आयोग न्यायपूर्ण और कर्मचारी हितैषी होगा।