प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत प्रोत्साहन राशि वितरित करने के अवसर पर देश के युवाओं को संबोधित किया। फ्रांस और स्लोवाकिया की सफल यात्रा से लौटने के कुछ घंटों बाद ही उन्होंने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस योजना के माध्यम से युवाओं की पहली नौकरी को प्रोत्साहित करने के साथ ही उद्योग जगत को भी नई ऊर्जा मिल रही है।
योजना का महत्व और युवा शक्ति की तस्वीर
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज यहां जुड़े युवा साथियों में उन्हें भारत के उज्ज्वल भविष्य की झलक दिखाई दे रही है। दुनिया भर में भारत की युवा शक्ति, टैलेंट, स्किल और पोटेंशियल की चर्चा हो रही है। जी-7 देशों के नेताओं से मुलाकात के दौरान भी यही बात उभरकर आई। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना शुरू की गई है, जो सामान्य रोजगार योजनाओं से कहीं आगे है। यह योजना युवाओं की पहली नौकरी के सपनों को साकार करने वाली और उद्योगों के साथ मजबूत सेतु का काम कर रही है।
सामान्यतः योजनाएं या तो कर्मचारियों या उद्योगों के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन यह योजना दोनों को साथ लेकर चलती है। जब कोई युवा अपनी पहली नौकरी शुरू करता है तो सरकार उसके साथ खड़ी होती है। इससे उद्योगपति को भी विश्वास होता है कि युवा अकेला नहीं, बल्कि पूरी सरकार उसके साथ है। नतीजतन, रोजगार सृजन की दिशा में नजरिया बदल रहा है।
70 लाख रोजगार सृजन और 2000 करोड़ का सीधा लाभ
प्रधानमंत्री ने बताया कि योजना के सहयोग से अब तक लगभग 70 लाख युवाओं को पहली बार नौकरी मिली है। इनमें सामाजिक सुरक्षा का कवच भी उपलब्ध कराया गया है। करीब 20 लाख युवा अपनी पहली नौकरी के छह महीने पूरे कर चुके हैं। आज इन्हीं में से लगभग 10 लाख युवाओं को छह महीने पूरा करने पर प्रोत्साहन राशि दी गई है। इस अवसर पर दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाई गई।
यह राशि महज आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि उनके परिश्रम का सम्मान और उज्ज्वल भविष्य पर देश के विश्वास की अभिव्यक्ति है। प्रधानमंत्री ने उन संस्थानों को भी बधाई दी जिन्होंने युवाओं को अवसर प्रदान किए। इन संस्थानों ने लाखों नौकरियों का सृजन किया है। जब सरकार, युवा और उद्योग साथ मिलकर काम करते हैं तो रोजगार निर्माण की गति कई गुना बढ़ जाती है।
पिछले 12 वर्षों में रोजगार के नए आयाम
भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है। विकसित भारत का मार्ग युवाओं के सपनों, कौशल और सामर्थ्य से होकर गुजरता है। पिछले 12 वर्षों में सरकार ने रोजगार के हर रास्ते को मजबूत किया है। इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इकोनॉमी, स्पेस और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व अवसर पैदा हुए हैं।
मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल, मिशन मैन्युफैक्चरिंग जैसी पहलें निर्यात बढ़ा रही हैं। गाड़ियां, मेट्रो कोच, ट्रेन डिब्बे और डिफेंस उपकरणों में आत्मनिर्भरता बढ़ रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश लाखों युवाओं को रोजगार दे रहा है। मुद्रा योजना के तहत 33 लाख करोड़ रुपये की सहायता करोड़ों युवाओं को स्वरोजगार का अवसर दे रही है।
महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी है। 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और 3 करोड़ से ज्यादा लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्वनिधि और पीएम विश्वकर्मा योजना ने छोटे उद्यमियों और कारीगरों को नई ताकत दी है। ड्रोन सेक्टर, आईटीआई युवाओं के लिए नए अवसर खोल रहा है।
डिजिटल इकोनॉमी, स्टार्टअप्स और वैश्विक अवसर
डिजिटल इकोनॉमी ने गिग वर्क, प्लेटफॉर्म इकोनॉमी, कंटेंट क्रिएशन जैसे नए क्षेत्र खोले हैं। स्टार्टअप्स की संख्या 500 से बढ़कर 2 लाख से अधिक हो गई है। फ्रांस में 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम में एआई, स्पेस, ग्रीन एनर्जी और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारतीय स्टार्टअप्स और ग्लोबल इन्वेस्टर्स की भागीदारी बढ़ रही है।
नए ट्रेड एग्रीमेंट्स यूरोपीय देशों सहित कई बाजार खोल रहे हैं। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के जरिए 40 से अधिक देशों के साथ संबंध मजबूत हो रहे हैं। इससे मेक इन इंडिया ब्रांड्स को नई संभावनाएं मिल रही हैं।
सुरक्षित रोजगार और नारी शक्ति का सशक्तिकरण
रोजगार के साथ सुरक्षा और सम्मान जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। ईपीएफओ को आधुनिक बनाया गया है। पेंशन, स्वास्थ्य बीमा को सरल किया गया है। नए लेबर कोड्स कामगारों को अधिक सुरक्षा, पारदर्शिता और अधिकार देते हैं। महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट, वर्क फ्रॉम होम और सुरक्षित कार्यस्थल की सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।
प्रधानमंत्री ने उद्योग जगत से आग्रह किया कि वे स्किल्ड टैलेंट, इनोवेशन और क्वालिटी पर जोर दें। ट्रेनिंग, मेंटरशिप और इंटर्नशिप अब आवश्यकता बन चुकी हैं। शिक्षा, स्किल, सर्विस, प्रोडक्ट और पैकेजिंग की गुणवत्ता दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मानकों पर होनी चाहिए।
निष्कर्ष: प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सपने वहीं बड़े होते हैं जहां वे साकार होते हैं। युवाओं के सपने ही मोदी का संकल्प हैं। असफलताओं से सीखते हुए आगे बढ़ना युवा मन की पहचान है। विकसित भारत 2047 का सपना हम सबका है और हम अपनी आंखों से इसे साकार होते देखेंगे। इस योजना से युवा शक्ति को नई उड़ान मिल रही है जो राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार बनेगी।