केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शनिवार को कांग्रेस शासित राज्यों में 'लव जिहाद' के मामलों में तेजी से वृद्धि होने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कर्नाटक सरकार से इस मुद्दे पर तुरंत ध्यान देने और प्रभावी कदम उठाने की अपील की। जोशी का कहना है कि इन घटनाओं के पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो युवतियों को निशाना बना रहा है।
हुबली घटना पर जोशी का बयान
धारवाड़ में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए प्रह्लाद जोशी ने हुबली की हालिया घटना का जिक्र किया। यहां हिंदू कार्यकर्ताओं और एक युवती के परिजनों ने जिम के एक ट्रेनर पर लव जिहाद का प्रयास करने और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। जोशी ने कहा, “यह हर जगह हो रहा है। ऐसा लगता है कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह का हाथ है। जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां ऐसे मामले बढ़ रहे हैं। सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।”
उन्होंने युवतियों को टारगेट करने वाली इस प्रवृत्ति को चिंताजनक बताया और कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की बेटियों को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है। जोशी ने पहले भी हुबली पहुंचकर पीड़िता परिवार से मुलाकात की थी और पुलिस आयुक्त से मामले की गहन जांच कराने की मांग की थी।
धारवाड़ में युवा कांग्रेस नेता की हत्या पर सवाल
प्रह्लाद जोशी ने धारवाड़ में युवा कांग्रेस नेता फिरोज खान पठान की हत्या का मुद्दा भी उठाया। शनिवार को हुई इस घटना में अज्ञात हमलावरों ने नेता के घर में घुसकर उन्हें चाकू मारकर मौत के घाट उतार दिया। जोशी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित राज्य में ऐसी घटनाएं आम हो रही हैं और सरकार इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रही।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है, लेकिन अभी तक मुख्य आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए हैं। जोशी ने इसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच आंतरिक हिंसा का उदाहरण भी बताया।
संगठित गिरोह और व्यापक साजिश के संकेत
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि लव जिहाद की घटनाएं अलग-अलग नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे एक सुनियोजित नेटवर्क काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों में इस तरह के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि विपक्षी दलों की सरकारें इसे नजरअंदाज कर रही हैं। जोशी ने युवाओं और खासकर लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून और त्वरित कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया।
हुबली में जिमों को लेकर भी विवाद उठा है। कुछ हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि कुछ जिम ट्रेनर युवतियों को फंसाने का काम कर रहे हैं। पुलिस ने इस संबंध में जिम मालिकों के साथ बैठक भी की है।
कर्नाटक में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल
प्रह्लाद जोशी ने समग्र रूप से कर्नाटक की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाएं साबित करती हैं कि राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो गई है। कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए जोशी ने मांग की कि सरकार इन मामलों को राजनीतिक रंग न देकर निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों को सजा दिलाए।
उन्होंने जनता से भी अपील की कि ऐसी घटनाओं पर सतर्क रहें और अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए जागरूक हों।
निष्कर्ष: प्रह्लाद जोशी के आरोपों ने एक बार फिर लव जिहाद और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है। कांग्रेस शासित राज्यों में बढ़ती ऐसी घटनाएं समाज में चिंता पैदा कर रही हैं। अब देखना होगा कि संबंधित सरकारें इन गंभीर मुद्दों पर क्या ठोस कदम उठाती हैं और युवा पीढ़ी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कितनी गंभीरता दिखाती हैं।