जलंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के लीग चरण के महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 4-2 से हरा दिया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह, जिन्हें फैंस और कमेंटेटर ‘सरपंच साहब’ के नाम से जानते हैं, ने हैट्रिक ठोककर टीम को जीत दिलाई। यह भारत की टूर्नामेंट में लगातार चौथी जीत थी और इसके साथ ही मेजबान टीम ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
मुकाबला एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक मुकाबले का रीमैच था, जहां भारत ने हाल ही में मलेशिया को 5-1 से हराया था। रविवार की शाम को भी भारतीय टीम ने अपना दबदबा कायम रखा। हरमनप्रीत ने तीसरे, 33वें और 58वें मिनट में गोल किए, जबकि सुखजीत सिंह ने 43वें मिनट में शानदार फील्ड गोल किया। मलेशिया की ओर से अखीमुल्लाह अनवर और शेलो सिल्वरियस ने गोल किए।
मैच की शुरुआत और हरमनप्रीत का पहला वार
मैच की शुरुआत भारत के पक्ष में रही। तीसरे मिनट में ही भारतीय टीम को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने अपनी खास ड्रैग फ्लिक से गेंद को मलेशियाई गोलकीपर हाफीजुद्दीन ओथमान के पास से निकालकर नेट में पहुंचा दिया। स्टेडियम में मौजूद दर्शक जोरदार तालियों से गूंज उठे। यह हरमनप्रीत का टूर्नामेंट में एक और महत्वपूर्ण गोल था।
भारत ने दबाव बनाए रखा लेकिन मलेशिया ने भी जवाब देने की कोशिश की। दूसरे क्वार्टर में मलेशियाई टीम ने कई पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए और भारतीय गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक को चुनौती दी। पाठक ने कुछ महत्वपूर्ण सेव्स किए। 25वें मिनट में अखीमुल्लाह अनवर ने पेनल्टी कॉर्नर से गोल करके स्कोर बराबर कर दिया। हाफ टाइम तक स्कोर 1-1 रहा।
दूसरे हाफ में भारत का दबदबा और सुखजीत का कमाल
तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम और आक्रामक रुख के साथ मैदान में लौटी। 33वें मिनट में फिर से पेनल्टी कॉर्नर मिला और हरमनप्रीत ने कम ऊंचाई वाली ड्रैग फ्लिक से गोल करके भारत को 2-1 की बढ़त दिलाई। इसके कुछ देर बाद सुखजीत सिंह ने मैच का सबसे यादगार गोल किया। हार्दिक सिंह ने मिडफील्ड में गेंद छीनी और सुखजीत को सर्कल के पास पास किया। सुखजीत ने गेंद को बाईं ओर घुमाकर जोरदार रिवर्स स्टिक शॉट से नेट की छत में पहुंचा दिया। यह गोल देखकर स्टेडियम तालियों से गूंज उठा।
58वें मिनट में भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला जब हरमनप्रीत की फ्लिक मलेशियाई डिफेंडर के शरीर पर लगी। कप्तान ने स्ट्रोक को आसानी से कन्वर्ट करके हैट्रिक पूरी की और स्कोर 4-1 कर दिया। आखिरी मिनटों में मलेशिया ने शेलो सिल्वरियस के जरिए एक गोल करके स्कोर 4-2 किया, लेकिन जीत भारत के नाम रही।
सरपंच साहब की अगुवाई और टीम का प्रदर्शन
हरमनप्रीत सिंह को ‘सरपंच साहब’ का नाम कमेंटेटर सुनील तनेजा ने दिया था, जो बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचा और अब पूरे देश में लोकप्रिय हो चुका है। उनकी लीडरशिप और पेनल्टी कॉर्नर स्पेशलिस्ट होने की क्षमता टीम की सबसे बड़ी ताकत है। इस टूर्नामेंट में वे टॉप स्कोरर बने हुए हैं। कोच क्रेग फुल्टन ने भी मौके बनाने की क्षमता पर संतोष जताया लेकिन फिनिशिंग को और बेहतर बनाने की बात कही।
भारतीय टीम ने पहले बांग्लादेश को 13-0, चीन को 5-2 और जापान को 4-1 से हराया था। अब चार मैचों में 12 अंक और +21 का गोल डिफरेंस लेकर वे टेबल में सबसे ऊपर हैं। मलेशिया नौ अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। जापान और दक्षिण कोरिया भी सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं।
आगामी चुनौती और घरेलू समर्थन
भारत सोमवार को दक्षिण कोरिया के खिलाफ अपना आखिरी लीग मैच खेलेगा। इसके बाद टूर्नामेंट मोहाली शिफ्ट होगा जहां सेमीफाइनल और फाइनल होंगे। जलंधर के स्टेडियम में भारी भीड़ ने टीम को भरपूर समर्थन दिया। हरमनप्रीत ने खुद कहा कि घर के नजदीक खेलना और परिवार व फैंस का समर्थन टीम के मनोबल को बढ़ाता है।
भारतीय हॉकी की यह जीत सिर्फ एक मैच का नतीजा नहीं बल्कि टीम की निरंतरता, अनुशासन और कप्तान की लीडरशिप का प्रमाण है। सरपंच साहब की अगुवाई में टीम एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रही है।