प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बात की। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में को-पायलट के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए स्मित मच्छार ने उस डरावने पल की याद करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए अपनी और 174 यात्रियों की जान बचाई। पीएम मोदी से बात करते हुए कैप्टन काफी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में हनुमान चालीसा ही उनका सबसे बड़ा सहारा बनी।

कॉकपिट में अचानक हमला और विमान का तेज गिराव

30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। विमान में 174 लोग सवार थे, जिनमें कई बच्चे भी शामिल थे। उड़ान सामान्य रूप से चल रही थी तभी अचानक कॉकपिट में को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए और फर्श पर गिर पड़े।

हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार विमान ने महज 30 सेकंड में करीब 14 हजार से 17 हजार फीट की ऊंचाई खो दी। कैप्टन स्मित मच्छार ने बताया कि फर्श पर लेटे हुए भी उन्हें महसूस हो रहा था कि विमान नीचे जा रहा है। उन्होंने खुद से कहा, “स्मित, यह आखिरी धक्का है। बस करो। दरवाजा वहीं है।”

17 साल के अनुभव वाले इस पायलट ने आंखें बंद करके भी विमान की स्थिति समझ ली थी। उन्होंने बताया कि वे कैप्टन के रूप में 11 साल से उड़ानें संभाल रहे हैं, इसलिए उन्हें बिल्कुल स्पष्ट था कि क्या हो रहा है।

हनुमान चालीसा ने दी हिम्मत

पीएम मोदी से बात करते हुए स्मित मच्छार ने खुलासा किया कि जब भी वे किसी मुश्किल में होते हैं तो हनुमान चालीसा पढ़ते हैं। उस डरावने पल में भी वे लगातार हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने कहा, “जब भी मुझे दर्द होता है, मैं हनुमान चालीसा पढ़ता हूं। उस समय भी मैं लगातार हनुमान चालीसा ही पढ़ रहा था। मुझे पता है कि भगवान की कृपा मेरे साथ थी।”

गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। दरवाजा खुलते ही केबिन क्रू और यात्री अंदर घुस आए और को-पायलट को काबू में कर लिया। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। सभी 174 लोगों की जान बच गई।

स्मित मच्छार ने साफ कहा कि वे अपनी जान के लिए भी लड़ रहे थे, लेकिन साथ ही यह भी जानते थे कि वे सबको मरने नहीं दे सकते। उनकी इस एक कार्रवाई ने बड़ी त्रासदी को टाल दिया।

पीएम मोदी से भावुक बातचीत

वीडियो कॉल के दौरान स्मित मच्छार काफी इमोशनल हो गए। उन्होंने पीएम मोदी को अपना सबसे बड़ा आदर्श बताया और कहा कि उनसे बात करना उनके लिए बहुत खास मौका है। उन्होंने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे प्रधानमंत्री से सीधे बात करने का मौका मिलेगा। आप मेरे सबसे बड़े आदर्श हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन की हिम्मत, धैर्य और सूझबूझ की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि देशभर के लोग उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और कई जगह महामृत्युंजय जाप भी हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा, “आपकी बहादुरी, धैर्य और उपस्थिति के कारण इतनी सारी जानें बच गईं। आज पूरा देश गर्व के साथ कह सकता है कि भारतीय जान नहीं लेते, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल देते हैं।”

प्रधानमंत्री ने स्मित मच्छार की मां गीताबेन का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने भगवद्गीता के मूल्यों से अपने बेटे का पालन-पोषण किया है।

देश और दुनिया में स्मित मच्छार को हीरो का दर्जा

इस घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार को भारत सहित दुनिया भर में हीरो माना जा रहा है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उनकी बहादुरी की तारीफ की और कहा कि एक भारतीय ने 9/11 जैसी त्रासदी को टाल दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई वैश्विक नेताओं ने भी उनकी सराहना की।

स्मित मच्छार वर्तमान में इलाज के बाद बेहतर महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सऊदी और यूएई अधिकारियों द्वारा दिए गए चिकित्सा सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया। देशभर में उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थनाएं की जा रही हैं।

निष्कर्ष: कैप्टन स्मित मच्छार की कहानी साहस, आस्था और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल है। मुश्किल वक्त में हनुमान चालीसा का सहारा लेकर उन्होंने न सिर्फ अपनी बल्कि सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई। उनका यह पराक्रम पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।