गैस सिलिंडर: जफ्फरनगर में घरेलू गैस सिलिंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी को लेकर मची मारामारी के बीच पुलिस प्रशासन ने सख्ती बरतने का फैसला किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन में गैस विभाग के अधिकारियों और वितरकों की बैठक बुलाकर साफ संदेश दिया कि अब कोई भी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और सिर्फ एक फोन कॉल पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
SSP ने दी कालाबाजारी पर सख्त चेतावनी
बैठक में SSP संजय कुमार वर्मा ने कहा कि गैस सिलिंडर की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ बिना किसी दबाव के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगर गैस वितरक खुद इस गड़बड़ी में संलिप्त पाए गए तो उनके खिलाफ भी तुरंत एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि वितरक उपभोक्ताओं को बुकिंग के आधार पर होम डिलीवरी सुनिश्चित करें, ताकि गोदामों पर लंबी लाइनों का सिलसिला खत्म हो सके।
एसएसपी ने जोर देकर कहा कि वितरक बैकलॉग के आधार पर सिलिंडर उपलब्ध कराएं और बुकिंग के सापेक्ष आपूर्ति की पूरी जानकारी गोदाम तथा एजेंसी पर चस्पा की जाए। किसी भी उपभोक्ता द्वारा अनावश्यक दबाव बनाने पर भी संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी, जबकि गैस वितरकों को पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
नए बुकिंग नियम लागू, होम डिलीवरी अनिवार्य
बैठक में गैस वितरकों को सख्त हिदायत दी गई कि रिफिल प्राप्त करने के 25 दिन बाद ही सामान्य उपभोक्ता नई बुकिंग कर सकेंगे। वहीं डीबीसी सिलिंडर वाले उपभोक्ताओं को 35 दिन बाद बुकिंग की अनुमति मिलेगी। इससे अनावश्यक जमाखोरी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
वितरकों को अपने प्रतिष्ठान और गोदाम पर हाई डेफिनिशन क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और कोई गड़बड़ी न हो सके।
दोनों कनेक्शन रखने वालों को चेतावनी
एसएसपी वर्मा ने एक महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि पाइप्ड प्राकृतिक गैस कनेक्शन और घरेलू एलपीजी कनेक्शन दोनों रखने वाले उपभोक्ताओं को केवल एक ही मान्य होगा। जिनके पास दोनों हैं, उन्हें घरेलू एलपीजी कनेक्शन तुरंत वापस कर देना होगा। यह कदम व्यावसायिक दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है।
व्यावसायिक उपयोग और मुनाफाखोरी पर सख्ती
घरेलू गैस सिलिंडरों का व्यावसायिक उपयोग, कालाबाजारी या मुनाफाखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। SSP ने अपील की कि आम नागरिक ऐसी कोई भी गतिविधि देखें तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी और त्वरित एक्शन लिया जाएगा।
इस बैठक का मकसद न सिर्फ कालाबाजारी रोकना है बल्कि उपभोक्ताओं को सुविधाजनक और पारदर्शी तरीके से गैस सिलिंडर उपलब्ध कराना भी है। अधिकारियों का मानना है कि इन कदमों से बाजार में व्यवस्था बहाल होगी और आम आदमी को राहत मिलेगी।
सरकार के प्रमुख उपाय: सख्त कानूनी कार्रवाई और छापेमारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्य सरकारों से अपील की है कि कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों पर तुरंत सख्त एक्शन लिया जाए। देशभर में अब तक 12,000 से अधिक छापे मारे जा चुके हैं और 15,000 से ज्यादा सिलिंडर जब्त किए गए हैं। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में संयुक्त टीमों द्वारा गैस एजेंसियों, गोदामों और व्यावसायिक स्थानों की नियमित जांच की जा रही है। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई तेज कर दी गई है।
गैस वितरकों की संलिप्तता पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होती है। कई जगहों पर एफआईआर दर्ज की गई हैं और गिरफ्तारियां हुई हैं। नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं ताकि शिकायतों का त्वरित निपटारा हो सके।
नए बुकिंग नियम: जमाखोरी पर अंकुश
कालाबाजारी रोकने के लिए बुकिंग के नियम सख्त कर दिए गए हैं। अब सामान्य उपभोक्ताओं को रिफिल के 25 दिन बाद ही नई बुकिंग करने की अनुमति है। उज्ज्वला योजना के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में 45 दिन का अंतराल अनिवार्य कर दिया गया है। डीबीसी सिलिंडर वाले उपभोक्ताओं के लिए 35 दिन का प्रावधान है। इससे अनावश्यक स्टॉकिंग रुकेगी और जरूरतमंदों को सिलिंडर उपलब्ध हो सकेगा।
बुकिंग के सापेक्ष आपूर्ति की जानकारी गोदाम और एजेंसी पर चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। होम डिलीवरी को अनिवार्य बनाने पर जोर है ताकि गोदामों पर लंबी लाइनें न लगें।
PNG और LPG दोनों कनेक्शन रखने वालों के लिए सख्ती
जिन उपभोक्ताओं के पास पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और घरेलू एलपीजी दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें LPG कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा। सरकार का मानना है कि इससे घरेलू सप्लाई पर अनावश्यक बोझ कम होगा और व्यावसायिक दुरुपयोग रुकेगा। सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी वितरकों को दिए गए हैं ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
उपभोक्ताओं की भूमिका: गोपनीय सूचना दें, नाम रहेगा गुप्त
कालाबाजारी की सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है। मुजफ्फरनगर जैसे जिलों में एसएसपी ने साफ कहा है कि एक फोन कॉल पर एक्शन शुरू हो जाएगा। कई राज्यों में टोल-फ्री नंबर जारी किए गए हैं। व्यावसायिक उपयोग, मुनाफाखोरी या घरेलू सिलिंडर का गलत इस्तेमाल देखने पर तुरंत पुलिस या गैस एजेंसी को सूचित करें।
उपभोक्ताओं को सलाह है कि पैनिक बुकिंग से बचें। आवश्यकता से ज्यादा सिलिंडर स्टोर न करें। इंडक्शन कुकर या अन्य वैकल्पिक ईंधन का उपयोग बढ़ाएं ताकि एलपीजी पर दबाव कम हो।
पारदर्शिता बढ़ाने के अन्य कदम
ऑनलाइन बुकिंग का दायरा बढ़ाया गया है, जो अब 94 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) का इस्तेमाल अनिवार्य किया जा रहा है। वाणिज्यिक एलपीजी पर राशनिंग लागू की गई है और घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य सरकारें डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ नियमित बैठकें कर स्टॉक की समीक्षा कर रही हैं।