T-90M ने T-14 आर्माटा को पीछे छोड़ा: रूस का रिकॉर्ड टैंक उत्पादन, सुपर टैंक का भविष्य क्या?

रूस ने T-90M टैंक का उत्पादन 1000 यूनिट्स सालाना कर दिया है जबकि T-14 आर्माटा अभी भी सीरियल प्रोडक्शन का इंतजार कर रहा है। जानिए दोनों टैंकों की तुलना, सुरक्षा क्षमता और यूक्रेन युद्ध का असर।

Darshan Jat
Darshan Jat Verified Public Figure • 05 Aug, 2014 Chief Editor
Jun 19, 2026 • 11:31 PM  0  0
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2 hours ago
T-90M ने T-14 आर्माटा को पीछे छोड़ा: रूस का रिकॉर्ड टैंक उत्पादन, सुपर टैंक का भविष्य क्या?
रूस ने T-90M टैंक का उत्पादन 1000 यूनिट्स सालाना कर दिया है जबकि T-14 आर्माटा अभी भी सीरियल प्रोडक्शन का इंतजार कर रहा है। जानिए दोनों टैंकों की तुलना, सुरक्षा क्षमता और यूक्रेन युद्ध का असर।
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T-90M ने T-14 आर्माटा को पीछे छोड़ा: रूस का रिकॉर्ड टैंक उत्पादन, सुपर टैंक का भविष्य क्या?
T-90M ने T-14 आर्माटा को पीछे छोड़ा: रूस का रिकॉर्ड टैंक उत्पादन, सुपर टैंक का भविष्य क्या?

मॉस्को: यूक्रेन युद्ध के दबाव में रूस ने अपने टैंक उत्पादन को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दिया है। T-90M टैंक की सालाना उत्पादन संख्या अब 1,000 यूनिट्स तक पहुंच गई है, जबकि देश का सबसे उन्नत T-14 आर्माटा टैंक अभी भी बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने का इंतजार कर रहा है। यह स्थिति रूसी सैन्य रणनीति और तकनीकी प्राथमिकताओं को लेकर कई सवाल खड़े करती है।

T-90M का रिकॉर्ड उत्पादन: युद्ध की मजबूरी और सफलता

रूस पहले 2020-2021 में सालाना मात्र 90 से 110 T-90 टैंकों का उत्पादन करता था। 2024 में यह संख्या बढ़कर 280-300 हो गई और 2025 में कॉन्फ्लिक्ट इंटेलिजेंस टीम के आकलन के मुताबिक यह रिकॉर्ड 1,000 यूनिट्स तक पहुंच गई है। रूसी अधिकारियों का लक्ष्य 2035 से पहले कुल 3,000 T-90M टैंकों का उत्पादन करना है। यह तेजी युद्ध की जरूरतों को पूरा करने के लिए की गई है, जहां भारी नुकसान की भरपाई के लिए आधुनिक टैंकों की मांग बढ़ गई है।

T-90M, पुराने T-72 प्लेटफॉर्म का गहरा आधुनिकीकरण है। इसमें बेहतर फायर कंट्रोल सिस्टम, नई जनरेशन की गन, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स और मजबूत सुरक्षा फीचर्स जोड़े गए हैं। युद्ध के मैदान में इसका प्रदर्शन प्रभावी साबित हुआ है, जिसने उत्पादन बढ़ाने का फैसला और मजबूत किया।

T-14 आर्माटा: क्लीन शीट डिजाइन वाली क्रांतिकारी तकनीक

T-14 आर्माटा रूस का सबसे उन्नत टैंक है जो पूरी तरह नई डिजाइन पर आधारित है। T-90M के विपरीत, इसमें क्रू सदस्यों को पारंपरिक टरेट में नहीं बैठाया जाता। इसके बजाय एक सुरक्षित आर्मर्ड कैप्सूल में चालक दल को रखा जाता है जो सीधे हमले या विस्फोट से बचाता है। अनमैन्ड टरेट डिजाइन टैंक को हल्का बनाता है और क्रू की सुरक्षा को कई गुना बढ़ाता है।

यह टैंक भविष्य के नेटवर्क सेंट्रिक युद्ध के लिए तैयार किया गया है। डिजिटल सिस्टम, बेहतर सेंसर और अन्य प्लेटफॉर्म्स के साथ एकीकरण इसे आधुनिक युद्धक्षेत्र में बेहतर बनाता है। हालांकि, जटिल तकनीक और उच्च लागत के कारण इसका सीरियल उत्पादन अभी तक शुरू नहीं हो सका है।

सुरक्षा कवच में T-14 की श्रेष्ठता

T-14 आर्माटा की सुरक्षा व्यवस्था कई स्तरों पर काम करती है। कंपोजिट आर्मर, एक्सप्लोसिव रिएक्टिव आर्मर और अफगानिट एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम का संयोजन इसे दुश्मन के हमलों से बचाता है। यह सिस्टम आने वाली मिसाइलों को डिटेक्ट कर उन्हें नष्ट कर सकता है।

इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेजर्स, स्मोक और एयरोसोल स्क्रीन्स, साथ ही क्रू कैप्सूल आइसोलेशन जैसी सुविधाएं बहुस्तरीय सुरक्षा प्रदान करती हैं। T-90M में पारंपरिक सुरक्षा है, लेकिन T-14 का लेयर्ड डिफेंस सिस्टम आधुनिक युद्ध की चुनौतियों का बेहतर सामना कर सकता है।

कम सिग्नेचर और स्टेल्थ फीचर्स

T-14 के डिजाइनरों ने हीट सिग्नेचर को काफी कम किया है। एंगुलर आर्मर, हीट मैनेजमेंट और इंजन शील्डिंग से रडार, इंफ्रारेड और विजुअल डिटेक्शन मुश्किल हो जाता है। इससे दुश्मन के थर्मल इमेजिंग और गाइडेड हथियारों से बचना आसान होता है।

यह सुविधा T-14 को युद्ध के मैदान में छिपे रहकर हमला करने में सक्षम बनाती है। T-90M में भी सुधार हुए हैं, लेकिन T-14 की स्टेल्थ क्षमता अगली पीढ़ी की मानी जाती है।

यूक्रेन युद्ध का असर और भविष्य की चुनौतियां

यूक्रेन संघर्ष ने रूसी टैंक फोर्स को भारी नुकसान पहुंचाया है। इसी वजह से T-90M जैसे सिद्ध प्लेटफॉर्म पर फोकस बढ़ा है जो तेजी से और कम लागत में तैयार किए जा सकते हैं। T-14 आर्माटा की जटिलता और उत्पादन चुनौतियां इसे सीमित करती हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि भविष्य में दोनों टैंकों का संयोजन रूसी सेना को मजबूती दे सकता है। T-90M मात्रा प्रदान करेगा जबकि T-14 गुणवत्ता और तकनीकी बढ़त देगा। रूस को उत्पादन क्षमता, लागत और युद्ध की वास्तविक जरूरतों के बीच संतुलन बनाना होगा।

Darshan Jat Verified Public Figure • 05 Aug, 2014 Chief Editor

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