सिंगापुर में भूमिगत डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम: ऊर्जा बचत और गर्मी से निपटने का अनोखा समाधान

सिंगापुर के पंगगोल में 5 किलोमीटर लंबे भूमिगत पाइप नेटवर्क से ठंडा पानी पहुंचाने वाला डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम पारंपरिक AC की तुलना में 30-50% कम बिजली खर्च करता है। जानिए इस पुरानी लेकिन प्रभावी तकनीक के फायदे, विस्तार और चुनौतियां।

Darshan Jat
Darshan Jat Verified Public Figure • 05 Aug, 2014 Chief Editor
Jun 14, 2026 • 3:47 PM  0  0
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Darshan Jat
4 hours ago
सिंगापुर में भूमिगत डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम: ऊर्जा बचत और गर्मी से निपटने का अनोखा समाधान
सिंगापुर के पंगगोल में 5 किलोमीटर लंबे भूमिगत पाइप नेटवर्क से ठंडा पानी पहुंचाने वाला डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम पारंपरिक AC की तुलना में 30-50% कम बिजली खर्च करता है। जानिए इस पुरानी लेकिन प्रभावी तकनीक के फायदे, विस्तार और चुनौतियां।
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सिंगापुर में भूमिगत डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम: ऊर्जा बचत और गर्मी से निपटने का अनोखा समाधान
सिंगापुर में भूमिगत डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम: ऊर्जा बचत और गर्मी से निपटने का अनोखा समाधान

सिंगापुर के उत्तर-पूर्वी इलाके पंगगोल के नीचे एक आधुनिक भूमिगत सिस्टम सक्रिय है, जो करीब 5 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से ठंडा पानी विभिन्न इमारतों तक पहुंचाता है। दुनिया के दूसरे सबसे अमीर देश सिंगापुर में यह तकनीक तेजी से फैल रही है और ऊर्जा संकट तथा बढ़ती गर्मी से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम क्या है?

डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम में एक केंद्रीय प्लांट पर पानी को ठंडा किया जाता है। फिर इसे भूमिगत पाइपों के जरिए आसपास की इमारतों तक भेजा जाता है। यह ठंडा पानी इमारतों के एयर कंडीशनिंग सिस्टम को सपोर्ट करता है और वापस प्लांट में लौटकर दोबारा ठंडा होता है। पंगगोल डिजिटल डिस्ट्रिक्ट में ENGIE कंपनी का यह सिस्टम लगभग 30,000 रेफ्रिजरेशन-टन क्षमता वाला है, जो हजारों आवासों और सुविधाओं को ठंडक प्रदान कर रहा है।

ऊर्जा बचत और पर्यावरणीय फायदे

इस सिस्टम का सबसे बड़ा लाभ पारंपरिक एयर कंडीशनिंग की तुलना में 30 से 50 प्रतिशत कम बिजली खपत है। सिंगापुर जैसा देश जो अपनी अधिकांश ऊर्जा आयात करता है, इसके लिए यह बेहद उपयोगी है। इससे कार्बन उत्सर्जन भी कम होता है और इमारतों में जगह बचती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक न केवल ऊर्जा बचाती है बल्कि जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी मदद करती है।

सिंगापुर में तेजी से फैलता नेटवर्क

सिंगापुर में अब तक कम से कम आठ जिलों में ऐसे सिस्टम लगाए जा चुके हैं। मरीना बे का प्लांट 2006 में शुरू हुआ था और इसे दुनिया के सबसे बड़े भूमिगत कूलिंग नेटवर्कों में शुमार किया जाता है। ENGIE जैसी कंपनियां सक्रिय रूप से नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं। पंगगोल में उनके दो सिस्टम करीब 8,000 सरकारी आवासों को ठंडक पहुंचा रहे हैं। SIT कैंपस समेत कई नई इमारतों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।

बढ़ती गर्मी और बिजली खपत की चुनौती

सिंगापुर में तापमान वैश्विक औसत से दोगुनी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे एसी की मांग लगातार बढ़ रही है। हालांकि एसी राहत देते हैं लेकिन इससे बिजली खपत और कार्बन उत्सर्जन बढ़ता है, जो एक ऊर्जा चक्र पैदा करता है। सरकार ने सरकारी इमारतों और घरों में तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रखने की सलाह दी है। डिस्ट्रिक्ट कूलिंग इसी समस्या का स्थायी समाधान साबित हो रहा है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और भविष्य की संभावनाएं

यह तकनीक 19वीं सदी से जुड़ी है। 1889 में अमेरिका के डेनवर शहर में पहला डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम अमोनिया या ब्राइन सॉल्यूशन के जरिए बनाया गया था। सिंगापुर सरकार ने जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए करीब 100 अरब सिंगापुर डॉलर का निवेश किया है, जिसमें डिस्ट्रिक्ट कूलिंग महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Darshan Jat Verified Public Figure • 05 Aug, 2014 Chief Editor

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