थलपति विजय सरकार का ऐतिहासिक दांव: तमिलनाडु में ₹38,000 करोड़ का मega शिपबिल्डिंग प्रोजेक्ट, 15,000 नौकरियों का तोहफा

थलपति विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने कोरिया की HD Hyundai के साथ ₹38,000 करोड़ के शिपबिल्डिंग क्लस्टर प्रोजेक्ट को गति दी है। थूथुकुडी में यह मेगा निवेश 15,000 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।

Darshan Jat
Darshan Jat Verified Public Figure • 05 Aug, 2014 Chief Editor
Jun 20, 2026 • 10:15 PM  1  0
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2 hours ago
थलपति विजय सरकार का ऐतिहासिक दांव: तमिलनाडु में ₹38,000 करोड़ का मega शिपबिल्डिंग प्रोजेक्ट, 15,000 नौकरियों का तोहफा
थलपति विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने कोरिया की HD Hyundai के साथ ₹38,000 करोड़ के शिपबिल्डिंग क्लस्टर प्रोजेक्ट को गति दी है। थूथुकुडी में यह मेगा निवेश 15,000 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।
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थलपति विजय सरकार का ऐतिहासिक दांव: तमिलनाडु में ₹38,000 करोड़ का मega शिपबिल्डिंग प्रोजेक्ट, 15,000 नौकरियों का तोहफा
थलपति विजय सरकार का ऐतिहासिक दांव: तमिलनाडु में ₹38,000 करोड़ का मega शिपबिल्डिंग प्रोजेक्ट, 15,000 नौकरियों का तोहफा

तमिलनाडु की थलपति विजय सरकार ने राज्य के औद्योगिक विकास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। दक्षिण कोरिया की प्रमुख कंपनी HD Hyundai (HD KSOE) के साथ ₹38,000 करोड़ के मेगा शिपबिल्डिंग क्लस्टर प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई गई है। यह परियोजना थूथुकुडी में स्थापित होगी और लगभग 15,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करेगी। साथ ही हजारों अप्रत्यक्ष नौकरियां भी पैदा होंगी, जो युवाओं के लिए सुनहरा भविष्य लेकर आएंगी।

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने हाल ही में कंपनी के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की। यह कदम थलपति विजय के चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है, जहां उन्होंने युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था।

प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि और महत्व

HD Hyundai, दुनिया की अग्रणी जहाज निर्माण कंपनियों में से एक है। कंपनी के साथ पहले ही तमिलनाडु सरकार का MoU साइन हो चुका है। यह ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट दक्षिणी तमिलनाडु के समुद्री और औद्योगिक क्षेत्र को पूरी तरह बदल देगा। थूथुकुडी को एक प्रमुख शिपबिल्डिंग और हेवी इंडस्ट्री हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जो न केवल राज्य बल्कि पूरे देश की मारिटाइम अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।

परियोजना की कुल लागत लगभग 4 अरब अमेरिकी डॉलर है। इसमें आधुनिक शिपयार्ड, सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर और संबंधित सुविधाएं शामिल होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश तमिलनाडु को भारत का एक प्रमुख शिपबिल्डिंग केंद्र बना सकता है, जहां बड़े-बड़े वाणिज्यिक जहाजों का निर्माण होगा।

सरकार की प्रतिबद्धता और प्रगति

मुख्यमंत्री थलपति विजय ने बैठक में राज्य सरकार की पूरी सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट को हर स्तर पर तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। SIPCOT और वी. ओ. चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटी के बीच संयुक्त उद्यम के रूप में NSHIPTN (National Shipbuilding and Heavy Industries Park Tamil Nadu Limited) का गठन पहले ही हो चुका है, जो इस उद्यम को मजबूती देगा।

जहाजरानी महानिदेशालय से इन-प्रिंसिपल मंजूरी भी प्राप्त हो गई है। MoU पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और अब जमीन आवंटन, पर्यावरणीय clearances तथा अन्य औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। विपक्षी DMK पार्टी ने भी इस प्रोजेक्ट का समर्थन किया है, जो नीतिगत निरंतरता को दर्शाता है।

रोजगार सृजन और आर्थिक प्रभाव

इस मेगा प्रोजेक्ट से सीधे 15,000 युवाओं को नौकरियां मिलेंगी। साथ ही निर्माण चरण में और सप्लाई चेन से जुड़े क्षेत्रों में लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। इंजीनियरिंग, टेक्निकल, लॉजिस्टिक्स और स्किल्ड वर्कर्स की मांग बढ़ेगी। थलपति विजय सरकार के लिए यह चुनावी वादों को निभाने का बड़ा अवसर है।

राज्य पर कर्ज का बोझ है, लेकिन ऐसे बड़े निवेश से राजस्व बढ़ेगा, कर संग्रह में इजाफा होगा और आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। थूथुकुडी का इलाका औद्योगिक हब बनने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भरपूर फायदा पहुंचेगा। छोटे उद्योग, होटल, ट्रांसपोर्ट और सेवा क्षेत्र में विकास होगा।

अन्य निवेशों के साथ तालमेल

हाल ही में तमिलनाडु सरकार ने L&T के साथ भी ₹18,600 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर MoU साइन किए हैं। इनमें डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और शिपबिल्डिंग विस्तार शामिल हैं। HD Hyundai प्रोजेक्ट इन प्रयासों को पूरक बनाएगा और राज्य को $1.5 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य की ओर ले जाएगा।

सरकार स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स चला रही है ताकि स्थानीय युवा इन नौकरियों के लिए तैयार हो सकें। प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं जो शिपबिल्डिंग से जुड़ी आधुनिक तकनीकों पर फोकस करेंगे।

भविष्य की संभावनाएं

यह प्रोजेक्ट न केवल रोजगार बल्कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, निर्यात बढ़ोतरी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करेगा। थूथुकुडी पोर्ट की क्षमता बढ़ेगी और क्षेत्र वैश्विक सप्लाई चेन का हिस्सा बनेगा।

Darshan Jat Verified Public Figure • 05 Aug, 2014 Chief Editor

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