जियो कॉल एजेंट: फोन कॉल में पहली बार AI असिस्टेंट, आकाश अंबानी ने बताया जियो की बड़ी योजना
आकाश अंबानी ने जियो कॉल एजेंट की घोषणा की। अब फोन कॉल में AI ट्रांसक्रिप्शन, समरी और टास्क जैसे खाना ऑर्डर, कैब बुकिंग कर सकेगा। 22 भारतीय भाषाओं में AI सेवाएं, जानिए जियो की पूरी AI योजना।
रिलायंस जियो भारत में डिजिटल क्रांति लाने के बाद अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नई छलांग लगाने जा रही है। जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने हाल ही में घोषणा की कि कंपनी फोन कॉल्स में सीधे AI असिस्टेंट जोड़ने की तैयारी कर रही है। इस सेवा का नाम है जियो कॉल एजेंट। ग्राहक की अनुमति से कॉल के दौरान AI ट्रांसक्रिप्शन, समरी तैयार करने के साथ ही रोजमर्रा के काम जैसे खाना ऑर्डर करना, कैब बुक करना या मीटिंग शेड्यूल करने जैसे टास्क भी पूरा कर सकेगा। यह सुविधा भारत में नेटवर्क-आधारित कॉलिंग को पूरी तरह बदलने वाली साबित हो सकती है।
भारतीय भाषाओं में बन रहा जियो का AI, अंग्रेजी अनुवाद नहीं बल्कि मूल विकास
आकाश अंबानी ने बताया कि दुनिया के ज्यादातर AI प्लेटफॉर्म पहले अंग्रेजी में विकसित होते हैं और फिर उनका अनुवाद किया जाता है। लेकिन जियो इसका उलटा रास्ता अपना रही है। कंपनी भारतीय भाषाओं में मूल रूप से AI विकसित कर रही है। भारत का AI भारतीय भाषाओं में बोलेगा और समझेगा।
कंपनी 22 भारतीय भाषाओं में AI सेवाएं लाने की तैयारी कर रही है। इनमें JioBharatIQ, AI व्यापार, JioHealthIQ, JioLearnIQ और JioKrishiIQ जैसी सेवाएं शामिल हैं। इनका मकसद आम लोगों तक AI के फायदे पहुंचाना है। किसान, छात्र, दुकानदार, परिवार और छोटे कारोबारी इन सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
मुकेश अंबानी का विजन: भारत बने AI का निर्माता, न कि सिर्फ उपभोक्ता
रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने साफ कहा कि भारत को बाहर के AI का सिर्फ उपभोक्ता नहीं बनना चाहिए। हमें AI का उत्पादक और वैश्विक लीडर बनना होगा। आकाश अंबानी ने इस दिशा में जियो की प्रगति पर विस्तार से जानकारी दी।
रिलायंस इंटेलिजेंस जामनगर में भारत का संप्रभु AI बैकबोन तैयार कर रहा है। कंपनी 5G, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस और AI सेवाओं के लिए अपना गहरी तकनीकी ढांचा विकसित कर चुकी है, जिसे अब पार्टनर देशों के साथ भी साझा किया जाएगा।
गूगल, मेटा और एनवीडिया के साथ मजबूत साझेदारी
आकाश अंबानी ने गूगल, मेटा और एनवीडिया जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ जियो की पार्टनरशिप का जिक्र किया। जियो ने जिस तरह डेटा को हर भारतीय के लिए किफायती बनाया, उसी तरह रिलायंस इंटेलिजेंस अब AI को आसान, भरोसेमंद और सस्ता बनाने जा रही है।
यह साझेदारी जियो को तकनीकी रूप से मजबूत बनाएगी और भारतीय उपयोगकर्ताओं को विश्वस्तरीय AI अनुभव देगी।
जियो कॉल एजेंट कैसे बनेगा गेम चेंजर?
जियो कॉल एजेंट टेलीकॉम ऑपरेटर की तरफ से अपनी तरह की पहली कोशिश है। पहले AI असिस्टेंट ज्यादातर इंटरनेट-आधारित ऐप्स जैसे जूम या गूगल मीट तक सीमित थे। अब सामान्य फोन कॉल में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी।
कुछ प्रमुख फीचर्स:
- कॉल ट्रांसक्रिप्शन और समरी तैयार करना
- ग्राहक की अनुमति से खाना ऑर्डर, कैब बुकिंग, टेबल रिजर्वेशन
- मल्टी-पर्सन कॉल में अतिरिक्त लोग जोड़ना
- मिटिंग शेड्यूलिंग और अन्य प्रैक्टिकल टास्क
आकाश अंबानी के अनुसार यह सुविधा आम भारतीयों के लिए AI को और करीब लाएगी। लोग अब चैटजीपीटी या जेमिनी जैसे टूल्स पर निर्भर रहने के बजाय अपने फोन कॉल से ही AI का इस्तेमाल कर सकेंगे।
भारत के लिए AI क्रांति का नया अध्याय
जियो की यह पहल भारत को AI के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 22 भाषाओं में AI सेवाएं लाकर कंपनी भाषाई विविधता को सम्मान दे रही है। JioKrishiIQ किसानों की मदद करेगा, JioLearnIQ छात्रों के सीखने को आसान बनाएगा और JioHealthIQ स्वास्थ्य संबंधी सलाह देगा।
रिलायंस की रणनीति स्पष्ट है - तकनीक को हर भारतीय तक पहुंचाना और उन्हें सिर्फ उपभोक्ता नहीं बल्कि भागीदार बनाना। जियो कॉल एजेंट इसी सोच का प्रतीक है।